श्राद्ध कर्म में कुश क्यों प्रयोग करते हैं?
की चेकलिस्ट
कुश = सबसे पवित्र घास (विष्णु रोम से उत्पन्न)। ऊर्जा संवाहक, पितर माध्यम, रक्षा। आसन, पवित्री (अंगूठी), पिंड रखना, तर्पण — सब में कुश। कुश न मिले = दूब घास।
- 1पवित्रता: कुश = सबसे पवित्र घास। विष्णु पुराण — कुश विष्णु के शरीर के रोम से उत्पन्न।
- 2विद्युत चालकता: कुश = ऊर्जा संवाहक — दैवीय ऊर्जा को ग्रहण करता है।
- 3पितर माध्यम: कुश के माध्यम से तर्पण/पिंडदान पितरों तक पहुँचता है।
- 4रक्षा: कुश = नकारात्मक शक्तियों से रक्षा।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
श्राद्ध विधि
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।