श्री सूक्त का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?
की चेकलिस्ट
ऋग्वेद — 15+1 ऋचाएं। प्रतिदिन/शुक्रवार/दीपावली। सफेद/गुलाबी वस्त्र, लाल आसन। लक्ष्मी+श्रीयंत्र समक्ष, घी दीपक, कमल। 16 ऋचा (माहात्म्य सहित)। विष्णु पूजा भी। फलश्रुति: 7 जन्म निर्धनता नहीं।
- 1स्नान → सफेद/गुलाबी वस्त्र।
- 2लाल/गुलाबी आसन पर बैठें।
- 3लक्ष्मी चित्र/प्रतिमा + श्रीयंत्र समक्ष।
- 4घी दीपक जलाएं।
- 5कमल/गुलाब + इत्र/सुगंधित द्रव्य अर्पित।
- 6सभी 16 ऋचाओं का पाठ (माहात्म्य सहित — बिना माहात्म्य = अपूर्ण)।
- 7प्रत्येक श्लोक पर पुष्प/इत्र अर्पित।
- 8पाठ बाद आरती। विष्णु पूजा भी करें (लक्ष्मी = विष्णुपत्नी)।
- 9अनुष्ठान: सवा लाख पाठ + दशांश हवन (बेलपत्र+खीर आहुति)।
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लक्ष्मी मंत्र
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