श्री यंत्र की नवावरण पूजा कैसे करें?
की चेकलिस्ट
गुरु दीक्षा अनिवार्य। बाहर (भूपुर)→भीतर (बिंदु) क्रमिक। प्रत्येक आवरण: विशिष्ट देवी+मुद्रा+मंत्र। ललिता सहस्रनाम/त्रिशती। [समीक्षा आवश्यक] — विस्तृत विधि गुरुमुखी। सामान्य: सहस्रनाम+यंत्र दर्शन=सुरक्षित।
- 1गुरु दीक्षा अनिवार्य — बिना दीक्षा नवावरण पूजा = निषिद्ध।
- 2श्री यंत्र स्थापित → पंचोपचार → ध्यान।
- 3प्रत्येक आवरण की देवियों का नामोच्चारण और पुष्पांजलि — बाहर (भूपुर) से आरंभ → भीतर (बिंदु) की ओर।
- 4ललिता सहस्रनाम / ललिता त्रिशती पाठ।
- 5प्रत्येक आवरण = विशिष्ट मुद्रा + मंत्र + देवी समूह।
- 6बिंदु = ललिता महात्रिपुरसुंदरी — अंतिम पूजा।
- 7हवन + आरती।
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