सोहम मंत्र का जप श्वास के साथ कैसे करें?
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'सोऽहम्' = मैं वही ब्रह्म हूं। श्वास अंदर = 'सो', श्वास बाहर = 'हम्'। अजपा जप — 21,600 बार/दिन स्वतः। विज्ञान भैरव तंत्र: शिव→पार्वती। बिना माला, बिना दीक्षा, कहीं भी। सुखासन, मन में भाव, मुख बंद।
- 1सुखासन/पद्मासन में बैठें, रीढ़ सीधी।
- 2श्वास अंदर (पूरक): 'सो' ध्वनि — नाक से श्वास भीतर लेते हुए मन में 'सो' का भाव।
- 3श्वास बाहर (रेचक): 'हम्' ध्वनि — श्वास छोड़ते हुए मन में 'हम्' का भाव।
- 4यह चक्र निरंतर चलाएं — प्रत्येक श्वास = एक जप।
- 5मुख से कुछ न बोलें — केवल मन में भाव।
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