श्री विद्या साधना की विधि क्या है?
की चेकलिस्ट
श्री विद्या साधना: सिद्धासन/पद्मासन/स्वास्तिकासन → मेरुदंड सीधा → दृष्टि नासिकाग्र/भ्रूमध्य → गुरु ध्यान-गणपति-भैरव पूजन → सुपारी में देवी आवाहन → पंचोपचार/षोडशोपचार पूजन → कमल गट्टे/स्फटिक माला से 108 बार मंत्र जाप।
- 1साधक को उपयुक्त आसन (जैसे सिद्धासन, पद्मासन या स्वास्तिकासन) में बैठें।
- 2मेरुदंड सीधा रखें।
- 3दृष्टि को नासिकाग्र या भ्रूमध्य पर केंद्रित करें।
- 4साधना का प्रारंभ गुरु ध्यान, गणपति पूजन और भैरव पूजन से करें।
- 5देवी का आवाहन (प्रायः सुपारी में प्रतिष्ठित कर) करें।
- 6पंचोपचार या षोडशोपचार विधि से पूजन संपन्न करें।
- 7कमल गट्टे की माला या स्फटिक माला से निर्दिष्ट मंत्र का (जैसे 108 बार या गुरु द्वारा बताई गई संख्या में) जाप करें।
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