ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

श्री विद्या साधना की विधि क्या है?

की चेकलिस्ट

श्री विद्या साधना: सिद्धासन/पद्मासन/स्वास्तिकासन → मेरुदंड सीधा → दृष्टि नासिकाग्र/भ्रूमध्य → गुरु ध्यान-गणपति-भैरव पूजन → सुपारी में देवी आवाहन → पंचोपचार/षोडशोपचार पूजन → कमल गट्टे/स्फटिक माला से 108 बार मंत्र जाप।

  1. 1साधक को उपयुक्त आसन (जैसे सिद्धासन, पद्मासन या स्वास्तिकासन) में बैठें।
  2. 2मेरुदंड सीधा रखें।
  3. 3दृष्टि को नासिकाग्र या भ्रूमध्य पर केंद्रित करें।
  4. 4साधना का प्रारंभ गुरु ध्यान, गणपति पूजन और भैरव पूजन से करें।
  5. 5देवी का आवाहन (प्रायः सुपारी में प्रतिष्ठित कर) करें।
  6. 6पंचोपचार या षोडशोपचार विधि से पूजन संपन्न करें।
  7. 7कमल गट्टे की माला या स्फटिक माला से निर्दिष्ट मंत्र का (जैसे 108 बार या गुरु द्वारा बताई गई संख्या में) जाप करें।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
पूजा विधान

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।