स्वामी विवेकानंद ने हिंदू धर्म विश्व में कैसे फैलाया
की चेकलिस्ट
विवेकानंद ने 1893 शिकागो में 'Sisters and Brothers of America' से विश्व को चौंकाया। वेदांत को सार्वभौमिक सत्य के रूप में प्रस्तुत किया। रामकृष्ण मिशन स्थापित। युवाओं को 'उठो, जागो' का संदेश। औपनिवेशिक काल में हिंदू आत्मगौरव जगाया।
- 1शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन (11 सितंबर 1893) — 'Sisters and Brothers of America' संबोधन से 7,000 श्रोताओं ने खड़े होकर कई मिनट तालियां बजाईं। हिंदू धर्म को विश्व ने पहली बार गंभीरता से सुना।
- 2वेदांत का सार्वभौमीकरण — विवेकानंद ने वेदांत को केवल भारतीय दर्शन नहीं बल्कि सार्वभौमिक सत्य के रूप में प्रस्तुत किया। 'एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति' (ऋग्वेद) — सत्य एक है, विद्वान उसे अनेक नामों से कहते हैं।
- 3रामकृष्ण मिशन (1897) — सेवा और आध्यात्मिकता का संगठन। 'शिव ज्ञाने जीव सेवा' (प्रत्येक जीव में शिव देखकर सेवा)।
- 4पश्चिम में वेदांत केंद्र — अमेरिका और यूरोप में वेदांत सोसायटी स्थापित।
- 5युवा प्रेरणा — 'उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत' (कठोपनिषद 1.3.14) — उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत।
- 6हिंदू आत्मविश्वास — औपनिवेशिक काल में जब हिंदू अपनी संस्कृति पर लज्जित थे, विवेकानंद ने गर्व का भाव जगाया।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
संत और भक्त
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।