ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

तांत्रिक साधना में यंत्र का क्या महत्व है?

की चेकलिस्ट

यंत्र = देवता का ज्यामितीय रूप। तंत्रसार: 'मंत्र+तंत्र+यंत्र = देवता प्रतिष्ठित।' महत्व: ऊर्जा केंद्रीकरण, देवता निवास, ध्यान सहायक, स्थायी। मंत्र=ध्वनि + यंत्र=रूप + तंत्र=विधि = पूर्ण।

  1. 1ऊर्जा केंद्रीकरण: यंत्र की ज्यामिति विशिष्ट ऊर्जा पैटर्न बनाती है — ब्रह्मांडीय ऊर्जा केंद्रित।
  2. 2देवता निवास: प्राण प्रतिष्ठित यंत्र = देवता का निवास स्थान।
  3. 3मंत्र + यंत्र = पूर्ण साधना: मंत्र = ध्वनि, यंत्र = रूप, तंत्र = विधि — तीनों मिलकर पूर्ण।
  4. 4ध्यान सहायक: यंत्र पर त्राटक (एकटक दृष्टि) = गहन ध्यान।
  5. 5स्थायी: मूर्ति के विपरीत यंत्र सदा शुद्ध — धातु/स्फटिक पर अंकित।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
तंत्र शास्त्र

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।