तारा यंत्र की संरचना कैसी है और इसे कैसे स्थापित करते हैं?
की चेकलिस्ट
तारा यंत्र संरचना: केंद्र में बिंदु → उल्टा त्रिकोण (शक्ति प्रतीक) → वृत्त → अष्टदल कमल → भूपुर (वर्गाकार)। स्थापना: पूर्व दिशा में पश्चिम मुख। पहले जल + दूध + शहद + पंचामृत + शक्कर से अभिषेक।
- 1केंद्र में एक बिंदु।
- 2बिंदु के चारों ओर एक उल्टा त्रिकोण (शक्ति का प्रतीक)।
- 3फिर एक वृत्त।
- 4अष्टदल कमल।
- 5सबसे बाहर भूपुर (वर्गाकार आकृति)।
- 6यंत्र को पूर्व दिशा में पश्चिम की ओर मुख करके स्थापित करना चाहिए।
- 7स्थापना से पूर्व यंत्र को जल, दूध, शहद, पंचामृत और शक्कर से अभिषेक करने का विधान है।
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