तत्त्वमसि का अर्थ क्या है?
की चेकलिस्ट
तत्त्वमसि = 'वह (ब्रह्म) तू ही है।' छांदोग्य उपनिषद (6.8.7) — गुरु उद्दालक ने श्वेतकेतु को उपदेश दिया। नमक-पानी का उदाहरण: ब्रह्म सबमें व्याप्त पर दिखता नहीं। चार महावाक्यों में से एक, अद्वैत वेदांत का मूल।
- 1प्रज्ञानं ब्रह्म (ऐतरेय/ऋग्वेद)
- 2अहं ब्रह्मास्मि (बृहदारण्यक/यजुर्वेद)
- 3तत्त्वमसि (छांदोग्य/सामवेद)
- 4अयमात्मा ब्रह्म (माण्डूक्य/अथर्ववेद)
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
दर्शन
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।