का सरल उत्तर
तत्त्वमसि = 'वह (ब्रह्म) तू ही है।' छांदोग्य उपनिषद (6.8.7) — गुरु उद्दालक ने श्वेतकेतु को उपदेश दिया। नमक-पानी का उदाहरण: ब्रह्म सबमें व्याप्त पर दिखता नहीं। चार महावाक्यों में से एक, अद्वैत वेदांत का मूल।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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