तंत्र में चक्र भेदन कैसे किया जाता है?
की चेकलिस्ट
षट्चक्र भेदन। प्राणायाम→बंध→बीज जप (लं/वं/रं/यं/हं/ॐ)। जागरण मंत्र। क्रमशः (मूलाधार→ऊपर)। अनाहत=वासना मुक्त, आज्ञा=आत्मज्ञान। गुरु अनिवार्य।
- 1प्राणायाम: नाड़ी शोधन → इड़ा-पिंगला संतुलन → सुषुम्ना खुले।
- 2बंध: मूलबंध + उड्डियानबंध + जालंधरबंध → कुंडलिनी ऊर्ध्वगमन।
- 3बीज मंत्र जप:
- 4जागरण मंत्र:
- 5क्रमशः: मूलाधार पहले → फिर ऊपर। एक साथ सभी नहीं।
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श्रेणी
कुंडलिनी
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