तंत्र में चक्रपूजा कैसे संपन्न की जाती है?
की चेकलिस्ट
चक्रपूजा = सामूहिक तांत्रिक पूजा (वृत्ताकार)। केंद्र: देवी/यंत्र+गुरु। [समीक्षा आवश्यक] — विस्तृत विधि गोपनीय/गुरुमुखी। दीक्षित के लिए ही। इंटरनेट से=खतरनाक। शोषण से सावधान। उच्च आध्यात्मिक अनुष्ठान।
- 1साधक-साधिकाएं वृत्ताकार (चक्र) में बैठकर पूजा।
- 2केंद्र में देवी/यंत्र स्थापित।
- 3मंत्र जप, ध्यान, पूजा — सामूहिक ऊर्जा।
- 4गुरु = चक्र के केंद्र में।
- 5चक्रपूजा = दीक्षित साधकों के लिए ही।
- 6इंटरनेट/पुस्तक से चक्रपूजा = अत्यंत खतरनाक।
- 7चक्रपूजा ≠ अनैतिक — यह उच्च आध्यात्मिक अनुष्ठान है।
- 8तथाकथित 'चक्रपूजा' के नाम पर शोषण से सावधान।
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तंत्र शास्त्र
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