तंत्र में मणिपूर चक्र को कैसे जागृत करें?
की चेकलिस्ट
तीसरा — 10 दल, पीला, अग्नि, बीज 'रं'। 'ॐ रं जाग्रनय ह्रीं मणिपुर रं ॐ फट'। कपालभाति/नौली। लक्षण: 'आत्मविश्वास, बुद्धि, सही निर्णय।' अग्नि=तीव्र। गुरु।
- 1बीज जप: 'ॐ रं' 108 बार — नाभि पर ध्यान।
- 2जागरण मंत्र: 'ॐ रं जाग्रनय ह्रीं मणिपुर रं ॐ फट'।
- 3कपालभाति/अग्निसार: अग्नि तत्व = अग्नि प्राणायाम।
- 4नौली क्रिया: पेट मांसपेशी नियंत्रण।
- 5ध्यान: पीला 10 दल कमल + अधोमुखी लाल त्रिकोण + अग्नि।
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