तंत्र में मंत्र जप और यंत्र पूजा एक साथ कैसे करें?
की चेकलिस्ट
यंत्र सामने + दीपक → भूत शुद्धि/न्यास → यंत्र त्राटक/ध्यान → माला जप (यंत्र देखते/कल्पना) → ऊर्जा यंत्र में संचित। तंत्र=विधि, मंत्र=ऊर्जा, यंत्र=केंद्र।
- 1यंत्र सामने (ऊंचे स्थान, पूर्व/उत्तर)।
- 2दीपक + धूप + पुष्प (यंत्र पर)।
- 3भूत शुद्धि → विनियोग → करन्यास → अंगन्यास (तैयारी)।
- 4ध्यान: यंत्र पर दृष्टि (त्राटक) — बिंदु/केंद्र पर focus।
- 5मंत्र जप: माला से 108/1008 — यंत्र देखते हुए या बंद आंखों से यंत्र कल्पना करते हुए।
- 6जप ऊर्जा = यंत्र में संचित।
- 7पूर्णाहुति/क्षमा।
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श्रेणी
तंत्र साधना
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