तंत्र में मूलाधार चक्र को कैसे सक्रिय करें?
की चेकलिस्ट
बीज 'ॐ लं' 108, मूलबंध (contract+release), सिद्धासन (एड़ी दबाव), लाल त्रिकोण ध्यान, कपालभाति। लक्षण: स्थिरता, अभय, ऊर्जा। धीरे-धीरे। गुरु उत्तम।
- 1बीज जप: 'ॐ लं' — 108 बार। मूलाधार पर ध्यान केंद्रित।
- 2मूलबंध: गुदा + लिंग की मांसपेशियां सिकोड़ें (contract) → 5 सेकंड → छोड़ें। 10-20 बार।
- 3आसन: सिद्धासन/पद्मासन — एड़ी = मूलाधार पर दबाव।
- 4ध्यान: लाल त्रिकोण + 4 पंखुड़ी कमल + कुंडलिनी सर्प — कल्पना।
- 5प्राणायाम: कपालभाति → ऊर्जा मूलाधार।
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