तंत्र में शक्तिपात के समय क्या अनुभव होता है?
की चेकलिस्ट
गुरु → शिष्य ऊर्जा transfer। कंपन/गर्मी-ठंडक/विद्युत, रोना/हंसना/आनंद, प्रकाश/देवता दर्शन, नाद, शून्यता। स्पर्श/दृष्टि/मंत्र से। काश्मीर शैव: तीव्र/मध्यम/मंद। अनुभव व्यक्तिगत।
- 1शारीरिक: कंपन, गर्मी/ठंडक, विद्युत-सा प्रवाह (रीढ़), अनैच्छिक गति।
- 2भावनात्मक: तीव्र रोना/हंसना, आनंद, प्रेम, भय (क्षणिक)।
- 3दृश्य: प्रकाश, रंग, देवता दर्शन (बंद आंखें)।
- 4ध्वनि: नाद (ॐ, घंटी, बांसुरी — आंतरिक)।
- 5शून्यता: 'मैं' विस्मृत — क्षणिक समाधि।
- 6कुंडलिनी: तत्काल कुंडलिनी जागरण (दुर्लभ)।
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श्रेणी
तंत्र साधना
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