तंत्र साधना के दौरान क्या अनुभव होता है?
की चेकलिस्ट
तंत्र साधना अनुभव: प्रारंभिक — मन शांत, स्वप्न में देव दर्शन। मध्यवर्ती — प्रकाश, नाद, रीढ़ में गर्मी, वाणी प्रभावशाली। उन्नत — देव साक्षात्कार, कुंडलिनी जागरण, अहंकार विसर्जन, ब्रह्मानंद। नियम: सभी अनुभव गुरु को बताएं।
- 1मानसिक शांति — मन का भटकाव कम
- 2स्वप्न में देव दर्शन — इष्ट देव स्वप्न में आते हैं
- 3उत्साह — साधना में आनंद
- 4प्रकाश का अनुभव — ध्यान में ज्योति
- 5नाद — भीतर से ध्वनि
- 6देह में कंपन — कुंडलिनी जागरण के पूर्व
- 7रीढ़ में गर्मी — प्राण ऊर्ध्वगामी
- 8वाणी का प्रभाव — जो कहें, हो जाए
- 9देव का साक्षात्कार — ध्यान में स्पष्ट दर्शन
- 10कुंडलिनी जागरण — अत्यंत आनंद या कंपन
- 11अहंकार का विसर्जन — 'मैं' का भाव मिटना
- 12ब्रह्मानंद — शब्दातीत आनंद
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साधना अनुभव
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