तंत्र साधना के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?
की चेकलिस्ट
तंत्र साधना में वर्जित: मांसाहार-मद्यपान (भक्ति साधना में), असत्य, क्रोध, हिंसा, भोजन के तुरंत बाद जप। मानसिक वर्जन: अश्रद्धा, चंचल मन, सिद्धि का अहंकार। सामाजिक वर्जन: साधना का प्रदर्शन, मंत्र बेचना, गुरु निंदा।
- 1मांसाहार और मद्यपान — भक्ति/दक्षिणाचार साधना में सर्वथा वर्जित
- 2प्याज-लहसुन — तामसिक
- 3असत्य वचन — मंत्र की शक्ति नष्ट होती है
- 4क्रोध — साधना के दिन
- 5हिंसा — किसी को शारीरिक या मानसिक कष्ट न दें
- 6भोजन के तुरंत बाद जप न करें — 2 घंटे का अंतर
- 7शौच के तुरंत बाद — स्नान या हाथ धोने के बाद ही जप
- 8थकान में — अत्यधिक थका होने पर जप की गुणवत्ता नहीं
- 9अश्रद्धा — 'क्या फर्क पड़ेगा' सोचकर जप
- 10चंचल मन — अन्यत्र ध्यान देते हुए जप
- 11घमंड — साधना या सिद्धि का अहंकार
- 12डर — उग्र देवी से अनावश्यक भय
- 13साधना का प्रदर्शन — सिद्धि बताना, डींग मारना
- 14मंत्र बेचना — पैसे लेकर मंत्र देना
- 15गुरु निंदा — अपने गुरु की बुराई
- 16देव निंदा
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तंत्र सावधानी
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