तंत्र साधना में अभिमंत्रित जल का क्या उपयोग है?
की चेकलिस्ट
मंत्र जप (108) जल पर → ऊर्जा संचारित। उपयोग: रोगी (महामृत्युंजय जल), गृह शुद्धि (छिड़काव), शरीर शुद्धि, अभिषेक। ताम्र/मिट्टी पात्र। चिकित्सा विकल्प नहीं।
- 1रोगी को पिलाना: मंत्र ऊर्जा = शीघ्र स्वास्थ्य लाभ। महामृत्युंजय जप जल = रोगी हेतु।
- 2गृह शुद्धि: अभिमंत्रित जल छिड़काव = नकारात्मकता नाश।
- 3शरीर शुद्धि: स्नान/सिर पर छिड़काव।
- 4अभिषेक: देवता मूर्ति/यंत्र पर।
- 5कृषि: खेत/पौधों पर = वृद्धि (कुछ परंपराओं में)।
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श्रेणी
तंत्र शास्त्र
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