तुलसी पूजा प्रतिदिन कैसे करें?
की चेकलिस्ट
प्रतिदिन तुलसी पूजा: स्नान के बाद → जल अर्पण (सूर्योदय-सूर्यास्त बीच) → शाम को दीपक → परिक्रमा → 'ॐ तुलस्यै नमः' जप → प्रणाम। रविवार को जल-दीपक वर्जित। सूर्यास्त बाद स्पर्श न करें। तुलसी बिना विष्णु पूजा अधूरी।
- 1प्रातःकाल स्नान: सबसे पहले स्वयं स्नान करके शुद्ध हों। बिना स्नान के तुलसी की सेवा नहीं करनी चाहिए।
- 2जल अर्पण: तुलसी के पौधे में शुद्ध जल अर्पित करें। गंगाजल हो तो और उत्तम। जल सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले ही अर्पित करें।
- 3दीपक: शाम को तुलसी के सामने घी या सरसों तेल का दीपक अवश्य जलाएँ। यह नित्य करना चाहिए।
- 4परिक्रमा: तुलसी की परिक्रमा करें (कम से कम एक बार, उत्तम तीन बार)।
- 5तुलसी माला जप: तुलसी के सामने बैठकर तुलसी माला से 'ॐ तुलस्यै नमः' या विष्णु मंत्र का जप करें।
- 6प्रणाम: हाथ जोड़कर प्रणाम करें। तुलसी को माता/देवी के रूप में सम्मान दें।
- 7श्रृंगार (विशेष अवसर): विशेष अवसरों पर तुलसी को सिंदूर, चुनरी, फूल अर्पित कर सकते हैं।
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