उच्छिष्ट मातंगी साधना की विधि क्या है?
की चेकलिस्ट
उच्छिष्ट मातंगी साधना: पश्चिम दिशा, लाल वस्त्र-आसन, रात्रि 9 बजे बाद। नित्य 51 माला × 21 दिन। 21वें दिन घी की 108 आहुतियों का हवन। सिद्ध यंत्र को चांदी के ताबीज में धारण करें।
- 1पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- 2लाल वस्त्र और लाल आसन पर बैठकर साधना करें।
- 3रात्रि 9 बजे के बाद साधना प्रारंभ करें।
- 4नित्य 51 माला 21 दिनों तक जाप करें।
- 521वें दिन घी की कम से कम 108 आहुतियाँ देकर हवन करें।
- 6सिद्ध यंत्र को चांदी के ताबीज में डालकर धारण करें।
- 7सुमुखी मातंगी साधना में जूठे मुंह आठ हजार जप करने का विधान है।
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