विस्तृत उत्तर
उच्छिष्ट मातंगी साधना की पूर्ण विधि:
— पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठें।
— लाल वस्त्र और लाल आसन पर बैठकर साधना करें।
— रात्रि 9 बजे के बाद साधना प्रारंभ करें।
— नित्य 51 माला 21 दिनों तक जाप करें।
— 21वें दिन घी की कम से कम 108 आहुतियाँ देकर हवन करें।
— सिद्ध यंत्र को चांदी के ताबीज में डालकर धारण करें।
— सुमुखी मातंगी साधना में जूठे मुंह आठ हजार जप करने का विधान है।





