ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

वार्षिक श्राद्ध कैसे करें

की चेकलिस्ट

वार्षिक श्राद्ध: मृत्यु तिथि पर प्रतिवर्ष, कुतप काल में। विधि: संकल्प → तिल-जल तर्पण (पितृतीर्थ से) → पिण्डदान (चावल+तिल+जौ+घी) → ब्राह्मण भोजन (विषम संख्या) → दक्षिणा → कौवे-गाय-कुत्ते को भोजन → परिवार भोजन। दक्षिण दिशा मुख। पुत्र/पौत्र करे। सरल: तर्पण + गाय को रोटी + दान।

  1. 1मृत्यु की तिथि (हिन्दू पंचांग — मास, पक्ष, तिथि) पर प्रतिवर्ष।
  2. 2कुतप काल (मध्याह्न — लगभग 11:36 से 12:24 के बीच) श्राद्ध का सर्वोत्तम समय।
  3. 3अपराह्न काल भी मान्य।
  4. 4पुत्र (ज्येष्ठ पुत्र को प्राथमिकता)।
  5. 5पुत्र न हो तो पौत्र, भतीजा, दामाद, या अन्य निकट सम्बन्धी।
  6. 6प्रातः स्नान करके शुद्ध वस्त्र।
  7. 7दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें (पितरों की दिशा)।
  8. 8कुश (दर्भ) घास, तिल, जौ, चावल, जल, गंगाजल।
  9. 9तिल मिश्रित जल से पितरों को तर्पण दें।
  10. 10दाहिने हाथ के अँगूठे और तर्जनी के बीच (पितृतीर्थ) से जल छोड़ें।
  11. 11'अमुक गोत्रः अमुक शर्मा/वर्मा तृप्यतु' बोलते हुए।
  12. 12चावल, तिल, जौ, घी मिलाकर पिण्ड (गोल लड्डू) बनाएँ।
  13. 13दक्षिण दिशा में कुश पर पिण्ड रखें।
  14. 14पितरों का आह्वान करें।
  15. 15विषम संख्या (1, 3, 5) में ब्राह्मणों को भोजन कराएँ।
  16. 16उन्हें पितरों का प्रतिनिधि मानकर सम्मानपूर्वक भोजन कराएँ।
  17. 17दक्षिणा (धन, वस्त्र, अन्न) दें।
  18. 18कौवे, कुत्ते, गाय, चींटियों को भोजन का अंश दें।
  19. 19पिण्डों को जल में विसर्जित करें या गाय को खिलाएँ।
  20. 20ब्राह्मण भोजन के बाद परिवार के सदस्य भोजन करें।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
श्राद्ध कर्म

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।