वार्षिक श्राद्ध कैसे करें
की चेकलिस्ट
वार्षिक श्राद्ध: मृत्यु तिथि पर प्रतिवर्ष, कुतप काल में। विधि: संकल्प → तिल-जल तर्पण (पितृतीर्थ से) → पिण्डदान (चावल+तिल+जौ+घी) → ब्राह्मण भोजन (विषम संख्या) → दक्षिणा → कौवे-गाय-कुत्ते को भोजन → परिवार भोजन। दक्षिण दिशा मुख। पुत्र/पौत्र करे। सरल: तर्पण + गाय को रोटी + दान।
- 1मृत्यु की तिथि (हिन्दू पंचांग — मास, पक्ष, तिथि) पर प्रतिवर्ष।
- 2कुतप काल (मध्याह्न — लगभग 11:36 से 12:24 के बीच) श्राद्ध का सर्वोत्तम समय।
- 3अपराह्न काल भी मान्य।
- 4पुत्र (ज्येष्ठ पुत्र को प्राथमिकता)।
- 5पुत्र न हो तो पौत्र, भतीजा, दामाद, या अन्य निकट सम्बन्धी।
- 6प्रातः स्नान करके शुद्ध वस्त्र।
- 7दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें (पितरों की दिशा)।
- 8कुश (दर्भ) घास, तिल, जौ, चावल, जल, गंगाजल।
- 9तिल मिश्रित जल से पितरों को तर्पण दें।
- 10दाहिने हाथ के अँगूठे और तर्जनी के बीच (पितृतीर्थ) से जल छोड़ें।
- 11'अमुक गोत्रः अमुक शर्मा/वर्मा तृप्यतु' बोलते हुए।
- 12चावल, तिल, जौ, घी मिलाकर पिण्ड (गोल लड्डू) बनाएँ।
- 13दक्षिण दिशा में कुश पर पिण्ड रखें।
- 14पितरों का आह्वान करें।
- 15विषम संख्या (1, 3, 5) में ब्राह्मणों को भोजन कराएँ।
- 16उन्हें पितरों का प्रतिनिधि मानकर सम्मानपूर्वक भोजन कराएँ।
- 17दक्षिणा (धन, वस्त्र, अन्न) दें।
- 18कौवे, कुत्ते, गाय, चींटियों को भोजन का अंश दें।
- 19पिण्डों को जल में विसर्जित करें या गाय को खिलाएँ।
- 20ब्राह्मण भोजन के बाद परिवार के सदस्य भोजन करें।
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