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वास्तु दोष से आर्थिक तंगी आती है क्या उपाय बताएं

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आर्थिक तंगी के वास्तु उपाय: उत्तर दिशा खुली-स्वच्छ रखें, कुबेर यंत्र स्थापित करें, तिजोरी दक्षिण दीवार पर रखें (मुख उत्तर), जल रिसाव ठीक करें, बंद/टूटी वस्तुएं हटाएं, श्री यंत्र पूजें, शुक्रवार लक्ष्मी पूजा करें। वास्तु केवल सहायक उपाय है, व्यावहारिक प्रयास भी आवश्यक हैं।

  1. 1उत्तर दिशा में अवरोध — उत्तर कुबेर (धन देवता) की दिशा है। यहां अवरोध, गंदगी या शौचालय होना धन अवरोध का कारण माना जाता है।
  2. 2ईशान कोण अशुद्ध — यहां शौचालय, कूड़ा या भारी सामान होना।
  3. 3मुख्य द्वार दोष — द्वार के सामने बाधा (खंभा, वृक्ष, कोना) होना — वेध दोष।
  4. 4दक्षिण-पश्चिम कम ऊंचा — नैऋत्य कोण अन्य भागों से नीचा होना।
  5. 5जल का रिसाव — घर में कहीं भी पानी का रिसाव/लीकेज धन हानि का प्रतीक।
  6. 6टूटी वस्तुएं — बंद घड़ी, टूटा शीशा, खराब उपकरण — ये ठहराव के प्रतीक हैं।
  7. 7उत्तर दिशा खुली और स्वच्छ रखें — उत्तर में भारी सामान न रखें। हल्का और खुला रखें।
  8. 8कुबेर यंत्र स्थापना — उत्तर दिशा में या तिजोरी/अलमारी के पास कुबेर यंत्र (प्राण प्रतिष्ठित) रखें।
  9. 9तिजोरी की दिशा — तिजोरी/अलमारी दक्षिण दीवार के सहारे रखें, दरवाजा उत्तर की ओर खुले। इससे कुबेर की कृपा मानी जाती है।
  10. 10जल स्रोत ठीक करें — किसी भी प्रकार का जल रिसाव तुरंत ठीक कराएं। बहता नल (टपकता पानी) धन क्षय का प्रतीक है।
  11. 11लक्ष्मी पूजन — प्रत्येक शुक्रवार महालक्ष्मी पूजा और 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र 108 बार जप करें।
  12. 12मुख्य द्वार शुभ बनाएं — द्वार पर स्वस्तिक, ॐ, तोरण लगाएं। द्वार स्वच्छ और प्रकाशित रखें।
  13. 13टूटी/बंद वस्तुएं हटाएं — बंद घड़ी, टूटा शीशा, खराब इलेक्ट्रॉनिक्स तुरंत ठीक कराएं या हटाएं।
  14. 14श्री यंत्र — पूजा स्थल में श्री यंत्र स्थापित करें। नियमित पूजा करें।
  15. 15उत्तर में जल तत्व — उत्तर दिशा में पानी का फाउंटेन या जल पात्र रखना शुभ माना जाता है (चलता हुआ जल विशेष शुभ)।
  16. 16शनिवार के उपाय — शनिवार को सरसों का तेल दान करें। पीपल वृक्ष को जल चढ़ाएं (शनिवार को पीपल जल चढ़ाने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में है, जबकि कुछ में शनिवार वर्जित है — अपनी कुल परंपरा अनुसार करें)।
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