वास्तु दोष से पारिवारिक कलह होता है क्या समाधान क्या
की चेकलिस्ट
कलह के वास्तु उपाय: नैऋत्य कोण भारी-ऊंचा रखें, बेडरूम से शीशा हटाएं, कांटेदार पौधे बाहर करें, सुंदरकांड पाठ करें, शयनकक्ष में हल्का गुलाबी रंग। वास्तु सहायक है, मूल समाधान आपसी संवाद और समझ है।
- 1आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में दोष — अग्नि तत्व का असंतुलन क्रोध, चिड़चिड़ापन और झगड़े बढ़ाता है।
- 2नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) खाली या नीचा — गृहस्वामी का अधिकार कमजोर होता है, अनुशासन टूटता है।
- 3बेडरूम में शीशा बिस्तर के सामने — दांपत्य कलह का कारण माना जाता है।
- 4रसोई और शौचालय आमने-सामने — अग्नि और जल तत्व का टकराव — वाद-विवाद बढ़ता है।
- 5वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) में दोष — वायु तत्व का असंतुलन अस्थिरता और मतभेद लाता है।
- 6कांटेदार पौधे घर के अंदर — कैक्टस जैसे पौधे तनाव और कड़वाहट लाते हैं।
- 7दो मुख्य द्वार आमने-सामने — ऊर्जा का टकराव, मतभेद।
- 8नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) ऊंचा और भारी रखें — यहां भारी फर्नीचर, अलमारी रखें। गृहस्वामी का शयनकक्ष यहीं हो।
- 9शयनकक्ष से शीशा हटाएं — बिस्तर के सामने का आईना हटाएं या ढकें।
- 10कांटेदार पौधे हटाएं — कैक्टस आदि बाहर रखें।
- 11पूजा स्थल शुद्ध रखें — नियमित पूजा और शंख ध्वनि से घर का वातावरण शुद्ध होता है।
- 12सुंदरकांड पाठ — प्रत्येक मंगलवार या शनिवार को सुंदरकांड का पाठ गृह शांति के लिए प्रभावी माना जाता है।
- 13गणपति-लक्ष्मी — मुख्य द्वार पर गणेश-लक्ष्मी का चित्र लगाएं।
- 14गुलाबी रंग — शयनकक्ष में हल्का गुलाबी रंग प्रेम और सामंजस्य बढ़ाता है।
- 15परिवार का फोटो — लिविंग रूम की उत्तर-पूर्व दीवार पर परिवार का सुखी फोटो लगाएं।
- 16तुलसी — प्रांगण में तुलसी का पौधा पारिवारिक शांति का प्रतीक है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
वास्तु शास्त्र
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।