वास्तु के अनुसार बच्चों का कमरा कहाँ होना चाहिए
की चेकलिस्ट
बच्चों का कमरा पश्चिम (एकाग्रता), उत्तर (बुद्धि), या पूर्व (ऊर्जा) दिशा में बनाएं। नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) में न बनाएं — वह माता-पिता के लिए है। पढ़ते समय मुख पूर्व/उत्तर, सोते समय सिर दक्षिण/पूर्व में हो।
- 1पश्चिम दिशा — बच्चों के कमरे के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है। यह एकाग्रता और रचनात्मकता को बढ़ाती है।
- 2उत्तर दिशा — बुध ग्रह (बुद्धि और विद्या) की दिशा होने से अध्ययन के लिए उत्तम है।
- 3पूर्व दिशा — सूर्य ऊर्जा और सकारात्मकता के लिए अच्छी। बच्चों में ऊर्जा और उत्साह बढ़ता है।
- 4बिस्तर — दक्षिण या पश्चिम दीवार से सटा, सिर दक्षिण या पूर्व में।
- 5अध्ययन मेज — उत्तर या पूर्व दिशा में; पढ़ते समय मुख पूर्व या उत्तर की ओर।
- 6अलमारी — दक्षिण या पश्चिम दीवार पर।
- 7दरवाजा — पूर्व या उत्तर दिशा में।
- 8रंग — हरा (बुध — बुद्धि), हल्का पीला (गुरु — ज्ञान), हल्का नीला (शांति) उत्तम। गहरे लाल या काले रंग से बचें।
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वास्तु शास्त्र
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