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पंच महायज्ञ से जुड़े सभी प्रश्न(4)

पंच महायज्ञ पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 4 प्रश्न उपलब्ध हैं।

धर्म और आचार

पंच महायज्ञ कौन कौन से बताए गए हैं?

पंच महायज्ञ ब्रह्मयज्ञ, पितृयज्ञ, दैवयज्ञ, भूतयज्ञ और नृयज्ञ बताए गए हैं।

#पंच महायज्ञ#ब्रह्मयज्ञ#पितृयज्ञ
हवन परिचय

पंच महायज्ञ कौन से हैं?

पंच महायज्ञ (आश्वलायन गृह्यसूत्र और पारस्कर गृह्यसूत्र): 1. ब्रह्मयज्ञ, 2. देवयज्ञ, 3. पितृयज्ञ, 4. वैश्वदेवयज्ञ, 5. अतिथि-यज्ञ। इनमें देवयज्ञ को सामान्य भाषा में अग्निहोत्र या हवन कहते हैं।

#पंच महायज्ञ#ब्रह्मयज्ञ#देवयज्ञ
नित्यकर्म

देवयज्ञ पितृयज्ञ भूतयज्ञ मनुष्ययज्ञ और ब्रह्मयज्ञ कैसे करें

पंच महायज्ञ: (1) ब्रह्मयज्ञ = वेद/शास्त्र अध्ययन (ऋषि ऋण)। (2) देवयज्ञ = हवन/अग्निहोत्र (देव ऋण)। (3) पितृयज्ञ = तर्पण/श्राद्ध/माता-पिता सेवा (पितृ ऋण)। (4) भूतयज्ञ = गाय-कुत्ते-कौवे-चींटियों को भोजन (प्राणी ऋण)। (5) मनुष्ययज्ञ = अतिथि सत्कार, दान (मनुष्य ऋण)। मनुस्मृति 3.67-72, शतपथ ब्राह्मण।

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नित्यकर्म

ब्रह्मयज्ञ क्या है और कैसे करें

ब्रह्मयज्ञ = वेद/शास्त्र का अध्ययन-अध्यापन। पंच महायज्ञों में प्रथम। ऋषि ऋण मुक्ति हेतु। विधि: संध्या के बाद वेद शाखा का पाठ, गायत्री जप, ऋषि तर्पण। सरल रूप: प्रतिदिन गीता/उपनिषद् का कुछ अंश पढ़ना-मनन करना। मनुस्मृति, तैत्तिरीय आरण्यक में विधान।

#ब्रह्मयज्ञ#पंच महायज्ञ#वेदाध्ययन
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