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रात्रि सूक्त से जुड़े सभी प्रश्न(2)

रात्रि सूक्त पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 2 प्रश्न उपलब्ध हैं।

देवी ग्रंथ

देवी रात्रि सूक्त का पाठ कब करना चाहिए?

रात्रि सूक्त = ऋग्वेद (10.127) + सप्तशती अंग। पाठ समय: सायंकाल/रात्रि, शयन पूर्व, नवरात्रि जागरण, अमावस्या। भय निवारण: रात्रि भय, बुरे स्वप्न में विशेष। फल: भय मुक्ति, नकारात्मकता से रक्षा, शांत निद्रा, अज्ञान नाश।

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वैदिक स्तोत्र

देवी रात्रि सूक्त कब पढ़ना चाहिए?

ऋग्वेद 10.127। रात्रि पूजा, नवरात्रि(कालरात्रि), दीपावली, अमावस्या। रात्रि भय/चोर/नकारात्मकता दूर। दुर्गा सप्तशती अंग।

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