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महत्व

पितृ ऋण का महत्व(1)

पितृ ऋण का अर्थपितृ ऋण क्या है?पितृ ऋण का महत्व
सरल उत्तर

तीन ऋणों (देव/ऋषि/पितृ) में से पितृ ऋण से मुक्ति का एकमात्र मार्ग = श्राद्ध। पितरों को तृप्ति, वंशजों को आयु/संतान/धन/विद्या/मोक्ष का आशीर्वाद। न करने पर पितृ दोष = संतान-हीनता, दरिद्रता, व्याधि।

स्रोत प्रश्न: श्राद्ध कर्म क्यों किया जाता है? →
श्राद्ध परिचय

श्राद्ध कर्म क्यों किया जाता है?

तीन ऋणों (देव/ऋषि/पितृ) में से पितृ ऋण से मुक्ति का एकमात्र मार्ग = श्राद्ध। पितरों को तृप्ति, वंशजों को आयु/संतान/धन/विद्या/मोक्ष का आशीर्वाद। न करने पर पितृ दोष = संतान-हीनता, दरिद्रता, व्याधि।

#श्राद्ध#उद्देश्य#पितृ ऋण
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