श्राद्ध कर्म क्यों किया जाता है?
#श्राद्ध#उद्देश्य#पितृ ऋण
तीन ऋणों (देव/ऋषि/पितृ) में से पितृ ऋण से मुक्ति का एकमात्र मार्ग = श्राद्ध। पितरों को तृप्ति, वंशजों को आयु/संतान/धन/विद्या/मोक्ष का आशीर्वाद। न करने पर पितृ दोष = संतान-हीनता, दरिद्रता, व्याधि।
स्रोत प्रश्न: श्राद्ध कर्म क्यों किया जाता है? →सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के महत्व।
सभी पितृ ऋण सम्बन्धित प्रश्नोत्तर एक स्थान पर।