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Sarāi Ākil, उत्तर प्रदेश

Sarāi Ākil — आज का पंचांग

गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
18:42
चंद्रास्त
05:46

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
प्रगति93%
नक्षत्र
हस्त (3 पाद)
स्वामी: चंद्र
योग
ध्रुव
शुभ
करण
बव
शुभ
वार
गुरुवार

राशि

चंद्र राशि
कन्या
सूर्य राशि
मीन

Sarāi Ākil — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 — 05:07
प्रातः सन्ध्या
05:07 — 06:43
सूर्योदय
05:55
अभिजित मुहूर्त
11:44 — 12:32
अमृत कालविशेष
13:41 — 15:14
विजय मुहूर्त
15:52 — 16:41
गोधूलि मुहूर्त
17:57 — 18:45
सूर्यास्त
18:21
सायाह्न सन्ध्या
18:24 — 19:33
निशिता मुहूर्त
23:44 — 00:32
राहु काल
13:41 — 15:14
यमगंड काल
16:48 — 18:21
गुलिक काल
09:01 — 10:34
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:21 — 12:08
द्वितीय दुर्मुहूर्त
16:48 — 17:34
चंद्रोदय
18:42
चंद्रास्त
05:46
मध्याह्न
12:08

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
चैत्र
चन्द्र माह (अमान्त)
चैत्र
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2083
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2081

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
हस्त
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
सूर्य
सूर्य नक्षत्र
रेवती
पद 1स्वामी: बुध

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 26 मिनट 05 सेकण्ड
31 घटी 5 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 33 मिनट 55 सेकण्ड
28 घटी 55 पल
मध्याह्न (सौर)
12:08
सूर्य का उच्चतम बिन्दु
आज विशेष
इष्टि, हनुमान जयन्ती, चैत्र पूर्णिमा, हनुमान जन्मोत्सव | Ishti, Hanuman Jayanti, Chaitra Purnima, Hanuman Janmotsava

दिन का चौघड़िया

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:5507:28
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
07:2809:01
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
09:0110:34
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
10:3412:08
चर
यात्रा, वाहन चालन
12:0813:41
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
13:4115:14
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
15:1416:48
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
16:4818:21
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

18:2119:48
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
19:4821:14
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
21:1422:41
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
22:4100:08
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
00:0801:34
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
01:3403:01
चर
यात्रा, वाहन चालन
03:0104:28
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
04:2805:55
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

Sarāi Ākil का पंचांग अन्य शहरों से अलग क्यों होता है?

पंचांग की गणना में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय मूलभूत भूमिका निभाता है। Sarāi Ākil (उत्तर प्रदेश) की भौगोलिक स्थिति — अक्षांश और देशांतर — के कारण यहाँ सूर्य और चंद्रमा का उदय-अस्त समय अन्य शहरों से भिन्न होता है। राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल और चौघड़िया सभी सूर्योदय-सूर्यास्त पर आधारित हैं, इसलिए Sarāi Ākilके निवासियों को सदैव अपने शहर के अनुसार पंचांग देखना चाहिए।

पंचांग के पाँच अंग: तिथि (चंद्र-सूर्य कोणीय दूरी से निर्धारित चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्रमा की स्थिति 27 तारामंडलों में), योग (सूर्य+चंद्र देशांतर का योग), करण (तिथि का अर्ध भाग) और वार। ये पाँचों मिलकर दिन की शुभ-अशुभ प्रकृति बताते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Sarāi Ākil में आज सूर्योदय कब है?

Sarāi Ākil में आज सूर्योदय 05:55 बजे और सूर्यास्त 18:21 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Sarāi Ākil में आज राहु काल कब है?

Sarāi Ākil में आज राहु काल 13:41 से 15:14 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

Sarāi Ākil का पंचांग दिल्ली से अलग क्यों है?

Sarāi Ākil और दिल्ली के बीच भौगोलिक देशांतर का अंतर है, जिससे सूर्योदय-सूर्यास्त का समय भिन्न होता है। राहु काल, चौघड़िया और अन्य मुहूर्त सूर्योदय पर आधारित होते हैं, इसलिए शहर-विशिष्ट पंचांग देखना आवश्यक है।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।