शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ आपदुद्धारिण्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो आपत्तियों (संकटों) से उबारने वाली हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दुर्घटनाओं और विपत्तियों से बचाव
विस्तृत लाभ
दुर्घटनाओं और विपत्तियों से बचाव।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता॥ 18
ॐ मितभाषिणे नमः
ॐ सत्यसन्धाय नमः
ॐ सिन्धुसागरसङ्गमाय नमः
ॐ भक्ताकाराय नमः
अष्टदलोपरिवेष्टितलिङ्गं सर्वसमुद्भवकारणलिङ्गम्। अष्टदरिद्रविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥