शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ अग्निगर्भाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपतेज स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अग्नि के गर्भ (मूल तेज) को धारण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अंतर्निहित सुप्त शक्तियों का जागरण
विस्तृत लाभ
अंतर्निहित सुप्त शक्तियों का जागरण।
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