शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ अनन्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपअनंत
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अनंत हैं (जिनका कोई पार नहीं) 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
असीम ज्ञान
विस्तृत लाभ
असीम ज्ञान
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सिन्दूराभमिभाननं त्रिनयनं च पाशाङ्कुशौ बिभ्राणं मधुमत्कपालमनिशं साद्विन्दुमौलिं भजे । पुष्ट्या श्लिष्टतनुं ध्वजाग्रकरया पद्मोल्लसद्धस्तया तद्योन्याहितपाणिमात्तवसुमत पात्रोल्लसत्पुष्करम् ॥
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी॥
ॐ सुन्दराय नमः
ॐ सर्वग्रहरूपिणे नमः
ॐ सहस्राक्षाय नमः
ॐ रसाधराय नमः