शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ अशेषगोपीमण्डलपूजितायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अनंत गोपियों के समूह द्वारा पूजित हैं।
जप काल
तुलसी माला पर जप।
टिप्पणी
साधना की दृष्टि से इन नामों को ॐ और 'नमः' या 'स्वाहा' के सम्पुट के साथ जपा जाता है।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भक्तसाम्राज्यभोगदाय नमः
ॐ जामदग्निजाय नमः
ॐ मणिभूषणायै नमः
ॐ विष्णुवक्षःस्थलस्थितायै नमः
नमो वृक्षेभ्यो हरिकेशेभ्यः पशूनां पतये नमः।
ॐ कराल-वदनां घोरां मुक्त-केशीं चतुर्भुजाम्। कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्ड-माला विभूषिताम्। सद्यः-छिन्न-शिरः-खड्ग-वामाधोर्ध्व-कराम्बुजाम्। अभयं वरदञ्चैव दक्षिणोर्ध्वाधः-पाणिकाम्॥