शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ अशोकायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं शोकरहित हैं और भक्तों के शोक हरती हैं, उन्हें नमन 17।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वल्लभावल्लभाय नमः
त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव
ॐ सर्ववेदादये नमः
श्रीं वाग्देवतायै स्वाहा भालं मे सर्वदाऽवतु। (स्वरूप: वाग्देवता | लाभ: मस्तक, आज्ञा चक्र व विचार-केंद्र की रक्षा | अर्थ: श्रीं बीज रूपी वाग्देवता मेरे ललाट की सदा रक्षा करें) 8
ॐ वज्रद्रंष्ट्राय नमः
ॐ कपालचक्रवासिन्यै नमः