शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ बलिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपमहाबली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परम बलवान भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक दुर्बलता नाश
विस्तृत लाभ
शारीरिक दुर्बलता नाश
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जो अत्यंत तेजस्वी और महाप्रतापी हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: व्यक्तित्व में तेज और ओज की वृद्धि) 19।
ॐ रविचन्द्राग्निलोचनाय नमः
श्रीं वाग्देवतायै स्वाहा भालं मे सर्वदाऽवतु। (स्वरूप: वाग्देवता | लाभ: मस्तक, आज्ञा चक्र व विचार-केंद्र की रक्षा | अर्थ: श्रीं बीज रूपी वाग्देवता मेरे ललाट की सदा रक्षा करें) 8
ॐ कात्यायन्यै नमः
ॐ कामारये नमः
ॐ काशीश्वरकृतामोदायै नमः