शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ भर्गाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपभर्ग स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पापों को भस्म करने वाले (भर्ग) देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संचित कुकर्मों (Past bad karmas) का भस्म होना
विस्तृत लाभ
संचित कुकर्मों (Past bad karmas) का भस्म होना।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मन्त्रिणे नमः
जिन्होंने धर्म-विरोधी आतातायी क्षत्रियों पर विजय प्राप्त की, उन्हें नमस्कार। (लाभ: प्रतिस्पर्धियों पर विजय) 19।
ॐ लोहिताक्षाय नमः
ॐ विश्वामित्रप्रियाय नमः
क्रीं क्रीं ह्रीं क्रूरभैरव प्रसीद-प्रसीद स्वाहा।
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8