ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

भव-बीज नाशक गर्जन मंत्र

भर्जनं भवबीजानामर्जनं सुखसम्पदाम्। तर्जनं यमदूतानां राम रामेति गर्जनम्॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारस्तोत्र-मंत्र
स्वरूपयम-भय नाशक राम
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

'राम-राम' का गर्जन (उच्चारण) संसार के जन्म-मरण रूपी बीजों को भून देता है, सुख-सम्पत्ति अर्जित करता है और यमदूतों को डरा कर भगा देता है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

संसार रूपी जन्म-मरण के बीजों का नाश, सुख-संपत्ति की प्राप्ति और अकाल मृत्यु व यमदूतों के भय से पूर्ण रक्षा

विस्तृत लाभ

संसार रूपी जन्म-मरण के बीजों का नाश, सुख-संपत्ति की प्राप्ति और अकाल मृत्यु व यमदूतों के भय से पूर्ण रक्षा 25।

जप काल

संकट काल, मृत्यु-भय या स्वास्थ्य की अत्यंत गंभीर स्थिति में।

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