शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारवैदिक कल्याण मंत्र
स्वरूपकरुणासागर हरि
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे लक्ष्मीपति, आप अत्यंत दयालु हैं, जो भटके हुए जीवों पर अपार कृपा करते हैं। कृपया मुझे सभी संकटों से मुक्त करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सभी दुखों से मुक्ति, प्रचुरता (Abundance) और भगवान के चरण कमलों की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
सभी दुखों से मुक्ति, प्रचुरता (Abundance) और भगवान के चरण कमलों की प्राप्ति 36।
जप काल
कठिन समय में या सकाम साधना हेतु।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गोपीकरावलाम्बिने नमः
ॐ नमो आदेश गुरु को, सोने का कड़ा, तांबे का कड़ा, हनुमान वनगरेया सजे मोंढे आन खड़ा। शब्द सांचा पिंड काचा, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ रमायै नमः
यः पुस्तकाक्षगुण दण्डकमण्डलु श्रीर्निर्वृत्यमान करभूषणमिन्दुवर्णम् । स्तम्बेरमानन चतुष्टय शोभमानं त्वां संस्मरे द्विजगणाधिपते धन्यः ॥
ॐ दुर्गनाशिन्यै नमः
हौं (Haum)