शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री कृष्ण गायत्री मंत्र (दामोदर स्वरूप)
ॐ दामोदराय विद्महे रुक्मिणीवल्लभाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपरुक्मिणीनाथ कृष्ण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हम रुक्मिणी के स्वामी दामोदर कृष्ण का ध्यान करते हैं; वे हमारी बुद्धि को सन्मार्ग दिखाएं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वैवाहिक सुख, आनंद और घर में समृद्धि
विस्तृत लाभ
वैवाहिक सुख, आनंद और घर में समृद्धि 11।
जप काल
नित्य संध्या वंदन।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र