शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ कालरात्रि मूल मंत्र
ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥ 16
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनवदुर्गा मूल मंत्र |
स्वरूपकालरात्रि (सप्तम दिन)
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सहस्रार चक्र की ओर गति, भूत-प्रेत, तंत्र-बाधा और अकाल मृत्यु के भय का समूल नाश
विस्तृत लाभ
सहस्रार चक्र की ओर गति, भूत-प्रेत, तंत्र-बाधा और अकाल मृत्यु के भय का समूल नाश 17।
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ॐ शाश्वताय नमः
राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः। एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये नवग्रहाः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
जो महर्षि भृगु के पवित्र वंश को आनंदित करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: कुल-गोत्र की वृद्धि) 19।
करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं। विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो॥