शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ धर्माध्यक्षाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
धर्म के अध्यक्ष
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
न्यायालय और विवादों में सत्य की विजय
विस्तृत लाभ
न्यायालय और विवादों में सत्य की विजय 81
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जपतां कवचं नित्यं सर्वसौभाग्यपूरितम्। इति श्रीविष्णुयामले उपरिभागे जामदग्न्यदिव्याञ्जनसिद्धिकल्पे श्रीभार्गवकवचं सम्पूर्णम्॥
ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः
लक्ष्मीर्हरिप्रिया पद्मा एतन्नामत्रयं स्मरन्। सर्वान्कामानवाप्नोति सत्यं सत्यं हि पद्मज॥
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ त्रिपुरान्तकाय नमः
ॐ हर्त्रे नमः