शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तीव्र गति से भयंकर संकटों का निवारण और शीघ्र वरदान
विस्तृत लाभ
तीव्र गति से भयंकर संकटों का निवारण और शीघ्र वरदान।
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