ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

भैरव मंत्र

ॐ दुर्लभाय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपदुर्लभ स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो पाखंडियों और अभक्तों के लिए अत्यंत दुर्लभ हैं, उन्हें नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

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दुर्लभ और अमूल्य ईश्वरीय कृपा की प्राप्ति जो साधारण मनुष्यों को सुलभ नहीं है

विस्तृत लाभ

दुर्लभ और अमूल्य ईश्वरीय कृपा की प्राप्ति जो साधारण मनुष्यों को सुलभ नहीं है।

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