शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मूल एकाक्षरी बीज
ॐ गं नमः (अथवा केवल 'गं')
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारबीज मंत्र
स्वरूपमूल गणेश
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
स्रोत स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं (बीजाक्षर का शाब्दिक अर्थ नहीं होता, यह ध्वनि विज्ञान है)।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-संकट निवारण और कुंडलिनी ध्यान में गहराई
विस्तृत लाभ
सर्व-संकट निवारण और कुंडलिनी ध्यान में गहराई।
जप काल
श्वास-प्रश्वास के साथ मानसिक जप।
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