शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री कृष्ण गायत्री मंत्र (गोपीवल्लभ स्वरूप)
ॐ गोपीवल्लभाय विद्महे तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपगोकुल कृष्ण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हम गोपियों के प्रिय भगवान कृष्ण का ध्यान करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सांसारिक कार्यों में सफलता और ईश्वर के प्रति निश्छल प्रेम
विस्तृत लाभ
सांसारिक कार्यों में सफलता और ईश्वर के प्रति निश्छल प्रेम 11।
जप काल
भक्ति मार्ग में किसी भी समय।
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