शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा अष्टाक्षर मंत्र (प्रथम पाठ)
ॐ ह्लीं श्रीराधिकायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारबीज युक्त अष्टाक्षर मंत्र
स्वरूपश्री राधिका
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ह्लीं बीज (आकर्षण और आह्लाद) स्वरूपिणी अत्यंत महिमामयी श्री राधिका को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सभी कार्यों में सफलता, बाधाओं का नाश, आध्यात्मिक चेतना का जागरण और अभीष्ट इच्छाओं की पूर्ति
विस्तृत लाभ
सभी कार्यों में सफलता, बाधाओं का नाश, आध्यात्मिक चेतना का जागरण और अभीष्ट इच्छाओं की पूर्ति 8।
जप काल
संध्याकाल या किसी भी शुभ कार्य को आरंभ करने से पूर्व।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ केसरिसुताय नमः
ॐ ह्रीं क्रीं ह्रीं श्रीं कपाल भैरवाय नमः।
ॐ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ संसारभयतः पातु मृत्योर्मृत्युर्-नृकेसरी
त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया। सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः॥ 36
जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं। सुख संपति नाना बिधि पावहिं॥