शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नजर दोष निवारण मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम नज़र दोष निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारबाल-रक्षा मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे बटुक, नजर दोष का निवारण करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बुरी नज़र से रक्षा
विस्तृत लाभ
बुरी नज़र से रक्षा।
जप काल
भस्म अभिमंत्रित करके लगाने की विधि 11।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ रविकोट्युदयप्रभाय नमः
ॐ पुरातनाय नमः
ॐ भावनाय नमः
आर्द्रां पुष्करिणीं पुष्टिं पिङ्गलां पद्ममालिनीम्। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥
ॐ नमो भगवते महोग्र दिग्बन्धन नरसिंहाय ज्वालामुखाय अग्निनेत्राय... हन हन दह दह पच पच बन्ध बन्ध कील कील स्वाहा