शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
पृष्ठ रक्षा मन्त्र
ॐ ह्रीं क्लीं वाण्यै स्वाहेति मम पृष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: वाणी | लाभ: पीठ और मेरुदंड की रक्षा | अर्थ: वाणी मेरी पीठ की सदा रक्षा करें) 8
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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